पानीपत के नौलथा गांव में हाल ही में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक महिला ने अपनी नफरत और विकृति की वजह से चार मासूम बच्चों की हत्या की। इस अपराध की तह तक जाने पर पता चला कि यह एक जटिल और कुटिल मानसिकता से प्रेरित था, जिसमें उसने बच्चों को केवल इसलिए मारा, क्योंकि वे सुंदर थे। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कैसे एक महिला ने अपनी अजीब मानसिकता की वजह से बच्चों की जान ले ली और कैसे पुलिस ने इस मामले को सुलझाया।

हत्या की शुरुआत: एक हादसा नहीं, बल्कि साजिश
पानीपत के नौलथा गांव में 1 दिसंबर को एक शादी समारोह था। शादी के बाद, एक 6 साल की बच्ची, विधि, अचानक गायब हो गई। परिजनों ने ढूंढते-ढूंढते बच्ची का शव स्टोर रूम में रखे हुए एक टब में पाया। यह टब सिर्फ 1 फीट गहरा था, जबकि बच्ची की लंबाई इससे ज्यादा थी, जिससे हत्या की आशंका जताई गई। शुरू में यह एक हादसा प्रतीत हुआ, लेकिन पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह हत्या थी।
महिला का दिल दहला देने वाला खुलासा
पूछताछ में आरोपी महिला ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने कहा कि वह केवल सुंदर बच्चों से नफरत करती थी और इस वजह से उनकी जान ले लेती थी। हैरान कर देने वाली बात यह है कि उसने अपने खुद के बेटे को भी इसी कारण से मार डाला। महिला ने यह भी स्वीकार किया कि उसने अब तक कुल चार बच्चों की हत्या की है।
बच्चों को क्यों टारगेट करती थी महिला?
इस अपराध की जांच में यह सामने आया कि महिला का टारगेट हमेशा सुंदर बच्चे होते थे। उसने कई बार बच्चों को पानी में डुबोकर मारा। उसका मानना था कि सुंदर दिखने वाले बच्चों को मारा जाए, ताकि किसी को शक न हो। इसी मानसिकता से वह अपने परिवार के बीच भी बच्चों की हत्या करती रही। महिला ने अपने ही घर में अपने बेटे को भी इसी कारण से मार डाला था।
पुलिस की सख्त कार्रवाई: 36 घंटे में सुलझा केस
पानीपत पुलिस ने इस केस को 36 घंटे में सुलझा लिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार किया और उसके बयान के आधार पर यह साफ हो गया कि वह एक “साइको किलर” है, जो बच्चों को सिर्फ उनकी सुंदरता के कारण मारता था। इसके बाद पुलिस ने इस महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की और उसे न्याय दिलवाने के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया।
पहले भी की थी हत्या: महिला का खौ़फनाक इतिहास
यह पहली बार नहीं था जब इस महिला ने बच्चों की हत्या की थी। 2023 में, उसने सोनीपत में दो बच्चों को भी पानी में डुबोकर मार डाला था, लेकिन उस समय मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। यह भी पता चला कि अगस्त 2023 में उसने एक और बच्ची की हत्या की थी, जो कि एक अन्य गांव में हुई थी।
मानसिकता की गहराई: एक अपराधी का मनोविज्ञान
इस महिला का व्यवहार साइकोपैथी का स्पष्ट उदाहरण है। उसने बच्चों की हत्या करने के बाद इसे केवल एक सामान्य घटना के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे किसी को भी शक न हो। उसकी मानसिक स्थिति और अपराधी मानसिकता यह बताती है कि किस तरह एक विकृत सोच वाले व्यक्ति के लिए किसी की जान की कोई अहमियत नहीं होती।
निष्कर्ष
इस मामले ने यह साबित कर दिया कि समाज में मानसिक रूप से विकृत लोग किस हद तक खौ़फनाक अपराध कर सकते हैं। इस महिला ने अपनी मानसिकता के कारण कई मासूम बच्चों की जान ले ली। हालांकि, पुलिस की तत्परता से मामले का खुलासा हुआ और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इस तरह के अपराधों से न केवल समाज में डर फैलता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि मानसिक स्वास्थ्य का महत्व कितना बड़ा है।
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